Sri Kousiha Agasthiyaनाड़ी ज्योतिष · वैथीश्वरन कोइल
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वैथीश्वरन कोइल, तमिलनाडु

நாடி ஜோதிடம்

वैथीश्वरन कोइल में नाड़ी ज्योतिष

केवल आपके अंगूठे के निशान से आपका पत्ता, जिसे चौथी पीढ़ी के शिव सूक्ष्म नाड़ी वाचक पढ़ते हैं। केंद्र पर आकर, या WhatsApp पर ऑनलाइन।

पठन कैसे होता है →

  • चौथी पीढ़ी के नाड़ी वाचक
  • केवल अंगूठे का निशान
  • पत्ता न मिले तो कोई फ़ीस नहीं

हर दिन खुला, सुबह 9 से शाम 6 बजे (IST)

पार्वती और नंदी के साथ भगवान शिव — वैथीश्वरन, शिव का वैद्य रूप, जिनकी पूजा वैथीश्वरन कोइल में होती है। राजा रवि वर्मा का ओलियोग्राफ़
शिव, पार्वती और नंदी · राजा रवि वर्मा
वैथीश्वरन कोइल का सिद्धामृतम सरोवर और गोपुरम, तमिलनाडु
वैथीश्वरन कोइल — सिद्धामृतम सरोवर और मंदिर का गोपुरम। पठन-कक्ष यहाँ से थोड़ी ही दूरी पर है।
पठन कैसे होता है

पाँच चरण। आप एक अंगूठे का निशान देते हैं और केवल हाँ या ना कहते हैं।

  1. केवल अंगूठे का निशान

    पुरुष दाहिने हाथ का अंगूठा देते हैं, महिलाएँ बाएँ हाथ का। केंद्र पर आने पर निशान काग़ज़ पर लिया जाता है; ऑनलाइन में आप WhatsApp पर उसकी साफ़ फ़ोटो भेजते हैं। आपसे बस यही एक चीज़ ली जाती है।

  2. कोई जानकारी नहीं, कभी नहीं

    खोज से पहले हम आपका नाम, जन्म तिथि, जन्म नक्षत्र, माता-पिता के नाम या आपके जीवन के बारे में कुछ भी नहीं पूछते। जो वाचक यह सब पूछता है, वह पत्ता नहीं पढ़ रहा।

  3. गट्ठरों में खोज होती है

    आपके अंगूठे की बनावट पत्तों के एक समूह से जुड़ी होती है। गुरुजी वे गट्ठर लाते हैं और हर पत्ते की बातें एक-एक करके ज़ोर से पढ़ते हैं।

  4. आप केवल हाँ या ना कहते हैं

    "क्या आप सबसे बड़ी संतान हैं?" "क्या आपके पिता का नाम तीन अक्षरों का है?" हर ग़लत उत्तर पर वह पत्ता बंद हो जाता है। आपका नाम, माता-पिता के नाम, आपका काम — ये सब पत्ते से निकलते हैं, आपसे कभी नहीं।

  5. आपका पत्ता मिलता है, या नहीं मिलता

    जब किसी पत्ते की हर बात सच निकलती है, तो वह आपका है, और पठन सामान्य काण्डम से शुरू होता है। अगर पत्ता नहीं मिलता, तो बैठक वहीं समाप्त होती है और कुछ भी नहीं लिया जाता।

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अगस्त्य (अगतियार) ऋषि, वे सिद्ध जिनके नाम पर अगस्त्य नाड़ी के पत्ते लिखे गए, अपने आश्रम में विराजमान
अगस्त्य, नाड़ी के ऋषिअगस्त्य नाड़ी के पत्ते उन्हीं के नाम से जाने जाते हैं। भित्तिचित्र की फ़ोटो: कनक सूरी बाबू, CC BY 4.0।
किसी के पास भी जाने से पहले

असली और नकली नाड़ी वाचक में फ़र्क़ कैसे पहचानें

वैथीश्वरन कोइल में बहुत से वाचक हैं, और हर उस शहर में भी जहाँ तमिल समुदाय रहता है। जो लोग नाड़ी ज्योतिष को धोखा कहते हैं, उनमें से ज़्यादातर किसी नकली वाचक से मिले थे। ये वे नियम हैं जिन पर गुरुजी हर आने वाले से ख़ुद को परखने को कहते हैं — और बाक़ी सब को भी इन्हीं पर परखें।

  • असली

    अंगूठे का निशान लेता है, और कुछ नहीं। केवल हाँ या ना पूछता है। आपके कुछ कहने से पहले ही पत्ते से आपका नाम और आपके माता-पिता के नाम बता देता है।

  • सावधान

    आपकी जन्म तिथि, जन्म नक्षत्र, नाम या "पत्ता जल्दी ढूँढने के लिए थोड़ी जानकारी" माँगता है। आप जो बताएँगे, वही आपको पढ़कर सुनाया जा सकता है।

  • असली

    पत्ता नहीं मिला तो कोई फ़ीस नहीं। हर काण्डम की फ़ीस पठन से पहले साफ़-साफ़ बताई जाती है, और भुगतान पत्ता पक्का होने के बाद होता है।

  • सावधान

    सिर्फ़ खोज के पैसे लेता है, फ़ीस लेकर "एक और गट्ठर" देखने पर ज़ोर देता है, या हर पठन को महँगी पूजा या उपाय के पैकेज में बदल देता है।

  • असली

    ख़ुशी से मानता है कि आप ऐसे नंबर से संपर्क करें जो आपके नाम से जुड़ा न हो, और अपने बारे में कुछ न बताएँ। पत्ता बोलता है; आप सुनते हैं।

  • सावधान

    "एकमात्र असली", "विश्व प्रसिद्ध" या "100% सटीक" होने का दावा करता है। नकली वाचक ख़ुद वैथीश्वरन कोइल में भी हैं और हर उस देश में भी जहाँ तमिल लोग रहते हैं।

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पूरी जानकारी पढ़ें: क्या नाड़ी ज्योतिष सच है, और अपने को कैसे बचाएँ →

गुरुजी तिरुवल्लुवन सुब्बुरायन, मुख्य शिव सूक्ष्म नाड़ी ज्योतिषी, वैथीश्वरन कोइल
वाचक

गुरुजी तिरुवल्लुवन सुब्बुरायन

श्री कौसिहा अगस्तिया महाशिव सूक्ष्म नाड़ी, वैथीश्वरन कोइल के मुख्य शिव सूक्ष्म नाड़ी ज्योतिषी। उनका परिवार चार पीढ़ियों से इन पत्तों को संभालता और पढ़ता आया है; पठन-कक्ष के गट्ठर उनके पूर्वजों ने पूरे तमिलनाडु से इकट्ठा किए थे।

वे अगस्त्य, कौसिहा और शिव सूक्ष्म नाड़ी के पत्ते तमिल में पढ़ते हैं, और पठन का अनुवाद अंग्रेज़ी, मलयालम और हिन्दी में किया जाता है। वे विज्ञापन नहीं करते, वादे नहीं करते, और पत्ता मिलने से पहले आपसे कुछ नहीं पूछते।

गुरुजी और उनकी परंपरा के बारे में →

फ़ीस

पहले बताई जाती है, भुगतान बाद में

हर काण्डम की एक तय फ़ीस है, जो आपके निर्णय से पहले WhatsApp पर बता दी जाती है। भुगतान तभी होता है जब आपका पत्ता मिल जाए और उससे आपकी जानकारी पक्की हो जाए। जिस खोज में कुछ न मिले, उसकी कोई फ़ीस नहीं।

हर काण्डम की फ़ीस देखें →

आम प्रश्न

WhatsApp करने से पहले

नाड़ी पठन के लिए मुझे क्या लाना होगा?
केवल अपना अंगूठा। पुरुष दाहिने अंगूठे का निशान देते हैं, महिलाएँ बाएँ का। कुंडली, जन्म तिथि या कोई भी निजी जानकारी न लाएँ, न भेजें — असली वाचक इनका उपयोग नहीं करता।
क्या नाड़ी पठन ऑनलाइन हो सकता है?
हाँ। आप अपने अंगूठे के निशान की साफ़ फ़ोटो WhatsApp (+91 80566 85469) पर भेजते हैं। पत्ते की खोज और हाँ/ना वाले प्रश्न तय समय पर एक कॉल पर होते हैं, और पठन तमिल में होता है, साथ में अंग्रेज़ी, मलयालम या हिन्दी में अनुवाद।
अगर मेरा पत्ता नहीं मिला तो?
तब न पठन होगा, न कोई फ़ीस। हर व्यक्ति का पत्ता हर गट्ठर में नहीं होता; ईमानदार वाचक ग़लत पत्ते से पढ़ने के बजाय यह बात साफ़ बता देता है।
नाड़ी पठन की फ़ीस कितनी है?
सामान्य काण्डम मूल पठन है; बाक़ी काण्डमों (विवाह, करियर, स्वास्थ्य, संतान, उपाय आदि) की फ़ीस अलग है और आपके चुनने से पहले बता दी जाती है। पूरी सूची फ़ीस वाले पृष्ठ पर देखें।
केंद्र से बात करें

हम केवल आपके अंगूठे का निशान लेते हैं। अगर आपका पत्ता नहीं मिला, तो कोई फ़ीस नहीं।

WhatsApp सबसे जल्दी है। फ़ोन हर दिन सुबह 9 से शाम 6 बजे (IST) तक उठाए जाते हैं।

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